
Panchgrahi Gochar 2025 : नवंबर 2025 में 5 बड़े गोचर, जानें किसका होगा गोल्डन टाइम? V
Effects of Panchgrahi Gochar on zodiac signs : ग्रहों के राशि परिवर्तन के लिहाज से नवंबर का महीना बहुत ही खास रहने वाला है। नवंबर के महीने में 5 प्रमुख बड़े ग्रहों में बदलाव देखने को मिलेगा। जिससे सभी राशि के जातकों पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह प्रभाव पड़ेगा। नवंबर माह में शनि, सूर्य, शुक्र, बुध और गुरु ग्रह की चाल बदलेगी। डा. अनीष व्यास ने बताया कि नवंबर में शुक्र ग्रह 2 नवंबर को दोपहर 1:14 पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 26 नवंबर को सुबह 11:21 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के राजकुमार बुध 10 नवंबर को वक्री होंगे और 23 नवंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 29 नवंबर को मार्गी होंगे। गुरु 11 नवंबर को रात 10:11 पर वक्री होंगे। ग्रहों के राजा सूर्य 16 नवंबर को दोपहर 1:36 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के न्यायाधीश शनि 28 नवंबर को सुबह 9:20 पर मार्गी होंगे। बता दें कि शनि 13 जुलाई 2025 को वक्री हुए थे। ऐसे में कुछ राशि वालों के लिए नवंबर का महीना बहुत ही शुभ साबित होगा।
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक धन और भौतिक सुख-सुविधा के दाता शुक्र ग्रह 2 नवंबर को कन्या राशि से निकलकर अपनी राशि तुला में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख और धन का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर कई राशियों की किस्मत में बड़े बदलाव लेकर आएगा। कुछ राशियों को इस समय धन, सफलता और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।
शुक्र के चाल बदलने से 4 राशियों कर्क, कन्या, तुला और मीन के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। धन, करियर और प्रेम जीवन में सुधार के योग बन रहे हैं। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है उनके जीवन में हमेशा सुख-सुविधा और ऐशोआराम मिलता है। वहीं अगर कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है तो व्यक्ति का जीवन अभावों से गुजरता है। कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन व्रत रखें और दही,चांदी और चावल आदि का दान करने का महत्व होता है।
डा. अनीष व्यास ने बताया कि हीं 11 नवंबर 2025 की रात 10:11 बजे से गुरु ग्रह भी कर्क राशि में वक्री होंगे। कर्क उनकी उच्च राशि है, इसलिए यह आत्ममंथन और विचारों की दिशा बदलने का समय साबित हो सकता है। गुरु ज्ञान, धर्म, और न्याय के प्रतीक हैं। इसलिए वक्री गुरु आत्मनिरीक्षण और सोच में गहराई लाएंगे।
सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं जिसे सूर्य सक्रांति के नाम से जाना जाता है। 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि के जातकों को नौकरी में लाभ और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कुंडली मंच सूर्य के मजबूत होने पर जातकों को राज सत्ता का सुख प्राप्त होता है। कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए।
ग्रहों के राजकुमार बुधदेव इस समय वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं और 10 नवंबर को वक्री चल चलते हुए 23 नवंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे इसके पश्चात 29 नवंबर को सीधी चाल यानी मार्गी होंगे और 6 दिसंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जिन जातकों की कुंडली में बुध मजबूत होते हैं उन्हें व्यापार और वाणी में महारत हासिल होती है। ऐसे लोग बहुत ही होशियार स्वभाव के होते हैं। कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन हरे रंग के कपड़े पहने और भगवान गणेश की उपासना करें।
ग्रहों के न्यायाधीश शनिदेव 13 जुलाई को मीन राशि में वक्री हुए थे और 28 नवंबर को मार्गी होंगे यानी सीधी चाल चलने लगेंगे। शनि के कुंभ राशि में मार्गी होने की वजह से मेष, वृषभ, तुला और धनु राशि के जातकों को विशेष राहत मिलेगी। इन राशि वालों की परेशानियां खत्म होंगी और कार्यो में सफलताएं मिलेंगी।
अनीष व्यास ने बताया कि नवंबर माह ग्रहों के गोचर के लिहाज से काफी खास रहने वाला होगा। नवंबर माह में शनि कुंभ राशि में मार्गी और फिर शुक्र, बुध और सूर्य अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में यह माह कुछ राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ साबित हो सकता है। नवंबर माह में मेष, वृषभ, तुला, कर्क और कुंभ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इन राशि वालों को पूरे माह में अच्छी खबरें सुनने को मिल सकती है। जो लोग नई नौकरी की तलाश में उनके काम बन सकते हैं। कारोबार में अच्छा मुनाफा भी मिल सकता है।
बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे। नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी। परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी। बीमारियों में कमी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। देश में आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, वायुयान दुर्घटना, विमान में खराबी, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है।
ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।
Updated on:
31 Oct 2025 04:01 pm
Published on:
31 Oct 2025 04:01 pm
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